Alphabetical Search

अब्दुल अजीज (ABDUL AZIZ)

यह मध्य  एशिया में  बल्ख के शासक नजर मुहम्मद का पुत्र था। नजर मुहम्मद के आदेश पर इसने मुग़ल प्रदेशों पर आक्रमण किया,किन्तु वापस लौटना पड़ा। बाद में इसनें अपने पिता के विरुद्ध विद्रोह कर दिया। नजर मुहम्मद ने मुग़ल सम्राट शाहजहाँ से सहायता ली,किन्तु अब्दुल अज़ीज़ ने स्थानीय कबीलों की सहायता से मुगलों की  नाक में दम कर दिया। ऑक्सस नदी के पूर्व में हुए युद्ध में वह मुगलों से परास्त हुआ तथा औरंगजेब की धार्मिक निष्ठां,साहस,धैर्य,दृढ़ता,आदि से अभिभूत होकर उसने उससे सन्धि कर ली। 

Read more...

अब्बास खां (ABBAS KHAN)

अब्बास खां शेरवानी मध्यकालीन भारतीय इतिहासकारों में अत्यंत उच्च स्थान रखता है। उसने अकबर के आदेश पर तोहफ़त-ए-अकबरशाही नामक ग्रन्थ का सृजन किया,जो कालांतर में तारीख-ए-शेरशाही नाम से विख्यात हुआ। उसके ग्रन्थ में शेरशाह से सम्बंधित विवरण पर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उसके पिता शेखअली शेरवानी शेरशाह के विश्वस्त थे। अतः उसके विवरण की प्रामाणिकता और बढ़ जाती है। परवर्ती इतिहासकारों नें शेरशाह के सम्बन्ध में अपना विवरण अब्बास खां के ग्रन्थ को आधार बनाकर ही लिखा है,किन्तु फिर भी अब्बास खां के ग्रन्थ में शेरशाह की अतिश्योक्तिपूर्ण ढंग प्रशंसा की गई है। 

Read more...

आलार कालाम (AALAR KALAM)

ये एक बौद्धकालीन आचार्य थे। ऐसा माना जाता है कि इनका सम्बन्ध केसपुत्त नामक गणराज्य से था। गृह त्याग के बाद जब सिद्धार्थ ज्ञान की खोज में भटक रहे थे तब उनका राजगृह नामक स्थान पर कालाम से संपर्क हुआ तथा कालाम ने उन्हें दीक्षा दी,किन्तु इससे बुद्ध का मन शांत नहीं हुआ तथा इसके बाद भी वे भटकते रहे। 

Read more...

आलम खां (AALAM KHAN)

यह लोदी सुल्तान सिकन्दर  लोदी का चाचा था तथा उसके समय में चंदवार व रापड़ी का सूबेदार था। यह बड़ा महत्वकांक्षी था तथा सुल्तान बनानें के स्वप्न देख रहा था। अतः सिकंदर लोदी ने इस पर आक्रमण कर इसे परास्त किया। इसने भागकर ईसा खां, जोकि इसका चचेरा भाई था, के यहाँ शरण ली। सिकंदर ने दूरनीति से काम लेते हुए आलम खां के साथ सन्धि कर उसे इटावा का सूबेदार बना दिया तथा ईसा खां का दमन कर दिया। बाद में इसे भी दण्डित किया गया। 

Read more...

  ©